चीन की मेहमाननवाजी बेकार, ट्रंप ने बाहर निकलते ही किया मोदी का गुणगान  

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प जीत के बाद पहली बार चीन पहुंचे। ट्रंप के तीखे विचारों के कारण चीन ने ट्रंप का सम्राटों की तरह स्वागत करके बहुत खुश करने की कोशिश की। ट्रंप ने बिज़नेस डील भी की, और चीन को अमेरिकी कंपनियों के बिज़नेस के लिए कुछ और दरवाज़े खोलने पर मजबूर भी किया। लेकिन उसके बाद जब ट्रंप वियतनाम पहुंचे तो चीन की हर खातिरदारी को किनारे कर मोदी- मोदी करने लगे।

डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को चिढ़ाते हुए कहा कि जब से भारत ने अपनी अर्थव्यवस्था के दरवाज़े खोले हैं। तब से भारत ने अपने मध्यम वर्ग के लिए अवसरों की एक नई दुनिया बनाई है। प्रधानमंत्री मोदी इस विशाल देश और अपने सभी लोगों को एक करने में लगे हैं।

ट्रंप

वास्तव में वो बहुत बड़ी सफलता के साथ काम कर रहे हैं। भारत की कामयाबी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा, और वो भी एशिया पैसेफिक के 21 देशों के उस मंच से, जिस मंच पर भारत नहीं होता है। जिस मंच पर अमेरिका के साथ सबसे बड़ी ताकत चीन बन चुका है।

डोनाल्ड ट्रंप की ये बात चीन को बहुत चुभ रही होगी, क्योंकि पिछले तीन दिन से वो डोनाल्ड ट्रं प की ऐसी खातिरदारी में लगा था। जिसमें राजाओं जैसा सत्कार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी गई। लेकिन ये सब सत्कार ट्रंप ने चीन से निकलते ही एक झटके में बेकार कर दिया।

चीन और अमेरिका के बीच हुए समझौते

– चीन में तीन दिन रहने के बाद जैसे ही ट्रंप वियतनाम में पहुंचे, फिर चीन की खिंचाई करने लगे।

– चीन गलत तरीकों से व्यापार करता है, दूसरों का फायदा उठाता है, उनकी मुश्किल बढ़ाता है, जिससे बैलेंस बिगड़ा है।

– अमेरिका और चीन के बीच 20 हज़ार करोड़ डॉलर के व्यापार समझौते किए गए।

– जेट इंजन से लेकर, गाड़ियों के पार्ट्स और शेल गैस के समझौते शामिल थे।

– ट्रं प के जाते ही जिनपिंग ने चीन के बैंकिंग सेक्टर में विदेशी कंपनियों के लिए मालिकाना हक के नियम नरम कर दिए।

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