जनता को राहत देने के बाद आफत में सरकार, सालाना 26 हज़ार करोड़ का होगा नुकसान

नई दिल्ली। मोदी सरकार ने आखिरकार जनता को राहत देने का फैसला कर लिया है। पेट्रोल और डीज़ल के दाम के आसमान छूने के बाद अब, वित्त मंत्रालय ने इस बाबत फैसला लेते हुए ऐलान किया है कि, सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल के ‘आधार उत्पाद शुल्क’ में दो रुपये की कटौती कर दी है. उम्मीद है कि, इस फैसले से पेट्रोल और डीजल के दाम में दो रुपये से ज्यादा की गिरावट आएगी. सरका़र के अनुसार यह फैसला मंगलवार आधी रात से ही लागू हो जाएगा.

वित्त मंत्रालय ने अपने इस फैसले की जानकारी देने के लिए ट्विटर पर कई ट्वीट किए. इसी एक ट्वीट में उसने बताया कि, इस फैसले से सरका़र के राजस्व में सालाना 26 हजार करोड़ रुपये की कमी होगी. मौजूदा वित्त वर्ष के छह महीने बीत जाने के चलते वित्त वर्ष 2017-18 में सरकार को इस तरह करीब 13 हजार करोड़ का नुकसान होगा. वित्त मंत्रालय के अनुसार अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से उपभोक्ताओं पर पड़े अतिरिक्त बोझ को घटाने के लिए यह फैसला किया गया है.

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