सुपर ब्लू ब्लड मून: जानिए ये क्या है, कब होगा और भारत में इसे कहां से देखने पर आप मिलेगा बेहतर नजारा

नई दिल्ली। बुधवार 31 जनवरी की शाम को 152 साल बाद हो रहा यह चंद्र ग्रहण बहुत खास है। इसे ‘सुपर ब्लू ब्लड मून’ नाम दिया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस एक खास दिन तीन संयोग हो रहे जो पिछले 152 सालों में कभी नहीं हुए हैं। इस चंद्र ग्रहण में पहले तो ब्लू मून नजर आएगा फिर फुल मून (सबसे बड़ा चांद) नजर आएगा और बाद में ये पूर्ण चंद्र ग्रहण का रूप ले लेगा। ये तीन नजारे कुछ ही घंटों में एक साथ देखे जाने के कारण ही यह चंद्र ग्रहण हर नजरिए से खास है। अनुमान है कि चंद्र ग्रहण शाम 5 बजकर 18 मिनट पर शुरू होगा और रात 8 बजकर 41 मिनट पर खत्म हो जाएगा।

सुपर ब्लू ब्लड मून

ब्लू मून ( 28 दिन के अंदर 2 बार बड़ा चांद )

जब 28 दिन के अंदर 2 बार बड़ा चांद नजर आता है तो उस चांद की उस स्थिति को ब्लू मून कहते हैं। सामान्यत: एक ‘ब्लू मून’ 3 साल में एक बार दिखाई देता है।

सुपर मून ( बड़ा चांद )

जैसा कि सभी जानते हैं कि चांद लगातार पृथवी के चक्कर लगाता है। ऐसे में एक मौका आता है जब चांद पृथ्वी के बेहद करीब होता है और हर दिन के मुकाबले काफी बड़ा दिखाई देता है। जिसे सुपर मून कहा जाता है। वहीं वैज्ञानिकों का कहना है कि साल 2018 में यह और भी खास है, क्योंकि इसबार ये 14 फीसदी बड़ा और ज्यादा चमकदार नजर आएगा।

ब्लड मून ( लाल रंग का चांद )

आप जानते हैं कि ग्रहण उस समय को कहते हैं जब पृथ्वी के चक्कर लगाते हुए चांद और पृथ्वी के बीच सूरज आ जाता है। ऐसे में चांद कुछ देर के लिए पूरी तरह छिप जाता है। इसे ही चंद्र ग्रहण कहा जाता है। वहीं आज होने वाले ग्रहण मे हल्के ‘लाल रंग’ का असर भी दिखाई देगा। ये इफेक्ट सु्र्य के उगने और डूबने पर उसके लाल रंग की परछाई चांद पर पड़ने के कारण दिखाई देगी।

यहां होगा खास नजारा

वहीं ग्रहण का सूतक सुबह 8 बजकर 18 मिनट पर लग चुका है। भारत में यह चंद्र ग्रहण सिक्किम, मेघालय, असम, मिजोरम, अरुणांचल प्रदेश और पूर्वी पश्चिम बंगाल में चंद्रोदय के बाद शुरू होगा। देश के बाकी हिस्सों में चंद्र ग्रहण चंद्रोदय से पहले शुरू हो जाएगा। भारत के अलावा यह चंद्र ग्रहण न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, पूर्वी यूरोप, हिंद महासागर क्षेत्र में भी दिखेगा। वहीं अमेरिका में चंद्र ग्रहण का अंत दिखाई देगा। हिंदू मान्यया के अनुसार चंद्र ग्रहण खत्म होने पर स्नान और दान किया जाना और भी अधिक शुभ रहेगा।

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