शर्मनाक… शहीदों के शव के साथ ऐसा बर्ताव, देख कर खून खौल जाएगा !

नई दिल्ली। तवांग में एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में  सैन्यकर्मियों की मौत के दो दिन बाद इन सैनिकों का शव कथित तौर पर प्लास्टिक की बोरियों में लपेटे जाने और कार्डबोर्ड में बंधे होने की तस्वीरें रविवार को सामने आईं.

हेलिकॉप्टर दुर्घटना में सात सैन्यकर्मियों की मौत के बाद उनके शव को प्लास्टिक की बोरियों में लपेट कर रखने की फोटो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसका जमकर विरोध किया जा रहा है. इस मामले पर सेना ने एक बयान जारी करते हुए कहा कि, स्थानीय संसाधनों से शवों को लपेटना भूल थी और मृत सैनिकों को हमेशा पूर्ण सैन्य सम्मान दिया गया है.

सेना ने माना, सलूक ठीक नहीं
सेना के सूत्रों ने कहा कि हमारे यहां बॉडी बैग ऑथराइज नहीं किए गए हैं। जहां भी शवों का पोस्टमॉर्टम होता है, वहां लकड़ी के बक्से और ताबूत उपलब्ध हो जाते हैं। हर जगह लकड़ी के बक्से नहीं ले जाए जा सकते हैं। हेलिकॉप्टर हादसे में 13000 फीट की ऊंचाई पर शवों की लोकेशन मिली थी, वहां जाने के लिए सड़क तक नहीं थी। विचार यह हुआ कि शवों को जल्द से जल्द वहां से हटाया जाए। समय की कमी से स्थानीय तौर पर जो भी संसाधन उपलब्ध था, उसका सहारा लिया गया। तेजपुर से शवों को पूर्ण सैनिक सम्मान के साथ आगे ले जाया गया

सूत्रों का कहना है कि, मामला रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण तक पहुंचा है। रक्षा मंत्री ने इस मामले में दखल दिया। इसके बाद सेना ने ट्वीट कर कहा कि, शवों को स्थानीय संसाधनों में रख कर भेजा जाना असामान्य था। शहीदों को हमेशा पूरा सम्मान दिया गया है। उनके शवों को बॉडी बैग, लकड़ी के बक्से या ताबूत में ले जाया जाए, इसे सुनिश्चित किया जाएगा।

क्रिकेटर गौतम गंभीर ने दुख जताते हुए ट्वीट में लिखा, ‘IAF क्रैश के शहीदों के शव…शर्मनाक! माफ़ करना ऐ दोस्त, जिस कपड़े से तुम्हारा कफन सिलना था, वो अभी किसी का बंद गला सिलने के काम आ रहा है!’

 

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