अरबों खर्च कर हुआ इस राजा का अंतिम संस्कार, कहलाते हैं भगवान राम के वंशज

थाईलैंड के राजा किंग पूमीपोन अदून्यदेत की मृत्यु के बाद दुनियाभर में इनके अंतिम संस्‍कार की चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि इनकी मौत तो अक्‍टूबर 2016 में ही हो गई थी, लेकिन इनका शाही अंतिम संस्‍कार बैंकाक में अब संपन्न हुआ है। बड़ी बात यह है कि बीते एक साल से इनके अंतिम संस्‍कार की तैयारियां चल रही थी।

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राम के वंशज पर एक नज़र

इनकी छवि एक पिता के रूप में थी। लोग उन्‍हें दयालु मानते थे। यही कारण है कि उनकी मौत पर पूरा थाईलैंड रोया था। इन्हें भगवान राम का वंशज माना जाता है।

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भूमिबोल के देहांत के बाद एक साल का राष्ट्रीय शोक घोषित किया गया था और इस शोक के बाद बौद्ध परंपरा के अनुसार भूमिबोल को आखिरी विदाई दी गई।

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इनकी अंतिम सवारी सोने के रथ पर निकली। राजा के सम्मान में 500 प्रतिमाओं का निर्माण किया गया था। वो संवैधानिक रूप से बनाए गए राजा थे। उनकी शक्तियां भी सीमित थीं। थाईलैंड में उन्हें भगवान की तरह लोग दर्जा दिया करते थे।

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इनका जन्म 5 दिसंबर 1927 के दिन मैसाचुसेट्स यानी यूएस में हुआ था। उनके पिता भी प्रिंस थे, नाम था माहिडोल अदुन्यदेत।

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जब उनका जन्‍म हुआ उस समय उनके पिता हार्वर्ड में पढ़ाई कर रहे थे। फिर पूरा परिवार थाईलैंड वापस आ गया।

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जब वो केवल दो साल के थे तो पिता की मौत हो गई। फिर पूमीपोन की मां उन्‍हें लेकर स्विटज़रलैंड गई,  वहीं पर पूमीपोन की पढ़ाई हुई।

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पूमीपोन से पहले उनके भाई गद्दी पर बैठे। पर राजमहल में एक दुर्घटना में उनकी मौत हो गई थी। जिसके बाद 18 साल की उम्र में अदून्यदेत गद्दी पर बैठे।

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बताया जाता है कि पूमीपोन को फोटोग्राफी का शौक था। वे सैक्सोफोन बजाते थे और गीत भी लिखते थे। पेंटिंग भी करते थे।

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