मूवी रीव्यू – लो आ ही गई ‘तम्हारी सलु’

फिल्म  तम्‍हारी सुलु

रेटिंग 3.5

सर्टिफिकेट U

अवधि   2 घंटा 10 मिनट

स्टार कास्ट  विद्या बालन, मानव कौल, नेहा धूपिया, मलिश्‍का मेंडॉन्‍सा, विजय मौर्या

डायरेक्टर  सरेश त्रिवेणी

प्रोड्यूसर टी सीरीज, एलिप्‍स एंटरटेनमेंट

म्यूजिक गुरु रंधावा, तनिष्‍क बाग्‍ची, लक्ष्‍मीकांत प्‍यारेलाल

तम्‍हारी सुलु

कहानी   ‘तुम्हारी सुलु’ एक मिडिल क्‍लास फैमिली से ताल्‍लुक रखने वाली औरत ‘सुलु’ (विद्या बालन) की कहानी है। एक ऐसी औरत जिसके ख्‍वाबों का परिंदा बहुत ऊंची उड़ान भरना चाहता है। हालांकि औरत होने के नाते वह परिंदा जिम्मेदारियों तले दबा हुआ है। सुलु को ऐसा पति (मानव कौल) मिला है, जो उसका हर परस्थिति में साथ देता है।

सुलु का पूरा नाम सुलोचलना है उसका पति अशोक और बाकी सभी लोग उसे प्‍यार से सुलु बुलाते हैं। दोना का एक बेटा भी है। इनका छोटा का खुशहाल परिवार बहुत प्‍यारा है। सुलु एक जिंदादिल औरत है, जो नींबू रेस और म्‍यूजिकल चेयर जैसे कॉम्‍प‍टीशन में हिस्सा लेती रहती है।

इसी तरह उसे एक दिन रेडियो जॉकी बनने का भी मौका मिलता है। मौके पर चौका मारते हुए वह इस हाथ से नहीं जाने देती है। वह रेडियो पर लेट नाइट शो करने लगती है। उसकी आवाज का जादू कुछ इस कदर चलता है कि हर कोई उसका दीवाना हो जाता है। जैसा कि हर कहानी में होता है उसी तरह इसमें भी सुलु के काम का असर उसकी निजी जिंदगी पर पड़ने लगता है। फिल्म की आगे की कहानी यही दिखाती है कि निजी जिंदगी में आई परेशानियों को सुलु अपनी समझदारी से कैसे सुलझाती है।

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एक्टिंग  सुलु के इस जिंदादिल किरदार से विद्या बार बार अपनी काबीलियत को पर्दे पर सा‍बित करती जा रही हैं। इस किरदार में विद्या इतनी रम गई हैं कि यह कहना मुश्‍किल है कि वह असल में सुलु नहीं बल्कि एक्‍ट्रेस विद्या बालन हैं। सिर्फ विद्या ही नहीं सुलु के सपोर्टिव पति अशो‍क के किरदार को मानव कौल ने बखूबी निभाया है।

मानव ने इस किरदार को निभाकर दिखा दिया है कि वह सभी तरह का किरदार निभाने में सक्षम हैं। विद्या और मानव के अलावा आप फिल्म के बाकी किरदारों को बिलकुल भी नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। नेहा धूपिया, आर जे मलिश्‍का और विजय मौर्या जैसे कलाकरों ने फिल्म को मजबूती देने में पूरा योगदान दिया है।

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डायरेक्शन सुरेश त्रिवेणी का डायरेक्‍शन तारीफ-ए-काबिल है। फिल्म का डायरेक्‍शन देखकर कोई भी ये अंदाजा नहीं लगा सकता है कि यह सुरेश की डेब्‍यू फिल्म है। यह फिल्म सिर्फ उनके लिए ही नहीं फिल्म के स्‍टार्स के करियर के लिए भी यादगार साबित होगी।

फिल्म का डायरेक्‍शन उम्‍दा है। सभी किरदारों और उनकी जिंदगी को पर्दे पर बखूबी से दर्शाया गया है। छोटी से छोटी बातों का बारी‍की से ध्‍यान रखा गया है। कहानी का जो सिरा कमजोर पड़ता है वहां विद्या फिल्म की कमान को मजबूती से पकड़ने की कोशिश में कामयाब होती हैं। सेकेन्‍ड हाफ के मुकाबले फिल्म का फर्स्‍ट हाफ ज्‍यादा मजबूत है।

म्यूजिक फिल्म के गाने भी अच्‍छे हैं। सुलु को मिला गानों का साथ फिल्म को दिलचस्‍प बनाता है। फिल्‍म के गाने कहानी पर पूरी तरह फिट बैठते हैं।

कमजोर कड़ी- सेकेन्‍ड हाफ

मजबूत पक्ष- एक्‍टिंग, डायरेक्शन, लोकेशन

देखें या नहीं  दिल खोल के हंसना और मुस्‍कराना चाहते हैं। अपनी सारी टेंशन भूलकर खुश होना चाहते हैं तो फिल्म तुम्हारी सुलु देखने सिनेमा घर जरूर जा सकते हैं।

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